जनम जनम के दुख बिसरावै ॥३३॥ अन्त काल रघुबर पुर जाई । —- राम गीत तु गाता आ.—- नहीं आये तो हनुमाना.—- श्री राम जी ओर सीता मैया कि दुहाई.—- शब्द साँचा.—- पिंड कांचा.—- फुरो मन्त्र ईश्वरोवाचा.—- त्वं रवे तारय स्वास्मानस्मात्संसार सागरात। Notice: Shabar Mantra need to be recited starting https://freekundali63841.dailyblogzz.com/36150514/5-simple-statements-about-hanuman-chalisa-explained